अख्तर अली ,सूरजपुर। जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच हाथियों का आतंक ग्रामीणों के लिए बड़ी परेशानी बन गया है। एक ओर जहां बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त है, वहीं दूसरी ओर हाथियों की आमद ने दहशत का वातावरण निर्मित कर दिया है।

प्रतापपुर वन परिक्षेत्र अंतर्गत टुकुडांड–मसगा मार्ग पर हाथियों के झुंड के जमावड़े की सूचना के बाद वन विभाग और ग्रामीणों ने दुर्घटना की आशंका को देखते हुए आवागमन पूरी तरह से बंद कर दिया है। सड़क किनारे सटे जंगल में हाथियों की सक्रियता के चलते मुनादी कर लोगों को सतर्क रहने की अपील की गई है। बताया जा रहा है कि इस क्षेत्र में लगभग 35 हाथियों का दल लगातार विचरण कर रहा है। यह झुंड फसलों को नुकसान पहुंचाने के साथ ही कई घरों को भी क्षतिग्रस्त कर चुका है।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों के डर से वे खेतों में काम करने से भी कतराने लगे हैं। कई परिवार रात्रि में सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने को मजबूर हो रहे हैं। वहीं, स्कूली बच्चों और महिलाओं का आना-जाना भी प्रभावित हो रहा है।
ज्ञात हो कि प्रतापपुर क्षेत्र बीते कई दशकों से हाथियों के प्रकोप को झेल रहा है। वन विभाग की ओर से लोगों को सुरक्षित रखने और हाथियों की गतिविधियों की जानकारी देने की कोशिश तो की जाती है, लेकिन कई बार विभाग के प्रयास विफल हो जाते हैं। इससे मानव-हाथी द्वंद्व की घटनाएं भी सामने आती रहती हैं।
उधर प्रतापपुर वन परिक्षेत्र के अलावा सूरजपुर वन मंडल के रामानुजनगर और बिहारपुर समेत विभिन्न क्षेत्रों में भी हाथियों की मौजूदगी खबर है। विभाग ने लोगों से अनावश्यक आवाजाही से बचने और सतर्क रहने की अपील की है।



