पटना/डिजिटल डेस्क । बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजे आ चुके हैं और राज्य की सबसे हाई-प्रोफाइल सीट मोकामा पर इस बार जेडीयू उम्मीदवार अनंत सिंह ने शानदार जीत दर्ज की है। उन्होंने अपनी प्रतिद्वंद्वी आरजेडी उम्मीदवार वीणा देवी को 22 हजार से ज्यादा वोटों से हराया।

पहले चरण में हुए मतदान में करीब 64 प्रतिशत वोटिंग दर्ज हुई थी, जो इस बात का संकेत था कि मुकाबला रोचक रहेगा। अंततः मतों की गिनती में शुरू से ही अनंत सिंह बढ़त बनाए रहे और अंत में भारी अंतर से जीत पक्की की।
हत्या कांड की छाया में हुआ चुनाव
इस बार मोकामा का चुनाव बेहद संवेदनशील रहा, क्योंकि मतदान से कुछ दिन पहले ही स्थानीय नेता दुलारचंद यादव की हत्या ने माहौल को गरमा दिया था। इस हत्या का आरोप अनंत सिंह पर लगा, जिसके कारण उनका चुनाव प्रचार सीमित रहा। उनकी जगह जेडीयू के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री लल्लन सिंह ने प्रचार की कमान संभाली।
वहीं आरजेडी और जनसुराज पार्टी ने लगातार दावा किया कि हत्या ने चुनावी समीकरण बदल दिए हैं। इसके बावजूद अंतिम परिणामों में अनंत सिंह की जीत मजबूत रही।
त्रिकोणीय मुकाबला, पर जीत स्पष्ट
इस सीट पर तीसरे स्थान पर जनसुराज पार्टी के पीयूष प्रियदर्शी रहे, जिन्हें उल्लेखनीय वोट तो मिले, पर वे मुकाबले को प्रभावित नहीं कर सके। मुख्य लड़ाई जेडीयू और आरजेडी के बीच ही रही।
2020 से 2025 तक: राजनीतिक सफर
साल 2020 के चुनाव में अनंत सिंह ने आरजेडी के टिकट पर चुनाव जीतकर अपनी पकड़ दिखाई थी। बाद में आपराधिक मामले में दोषी पाए जाने के बाद उन्हें विधानसभा से इस्तीफा देना पड़ा।
इस बार वे जेडीयू के टिकट पर मैदान में उतरे और जनता ने उन्हें फिर से मौका दिया।
क्या बताती है यह जीत?
मोकामा के परिणाम यह दर्शाते हैं कि विवादों और आरोपों के बीच भी अनंत सिंह की स्थानीय पकड़ मजबूत है। क्षेत्र में उनकी छवि और संगठन की मजबूती ने उन्हें भारी बहुमत दिलाया।
मोकामा की यह जीत न सिर्फ जेडीयू के लिए मनोबल बढ़ाने वाली है, बल्कि यह भी साफ करती है कि यह सीट आगामी राजनीति में भी चर्चा में रहेगी।



