बिट्टू सिहं राजपूत ,सूरजपुर। जिले के घूई वन परिक्षेत्र अंतर्गत मोरन जंगल में एक नर बाघ का शव मिलने से वन विभाग में हड़कंप मच गया है। बाघ का शव जंगल के भीतर पाए जाने की सूचना मिलते ही वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बाघ का शव तीन से चार दिन पुराना बताया जा रहा है। घटना को गंभीरता से लेते हुए वन विभाग द्वारा तत्काल सुरक्षा और जांच की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। शव मिलने वाले स्थल के चारों ओर लगभग 100 मीटर क्षेत्र को पूरी तरह प्रतिबंधित घोषित कर दिया गया है, ताकि किसी भी प्रकार की साक्ष्य से छेड़छाड़ न हो सके।


डीएफओ सूरजपुर श्री डी.पी. साहू ने बताया कि मामले की जांच नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी (एनटीसीए) की गाइडलाइन के अनुसार की जाएगी। इसके तहत विशेष जांच टीम गठित की जाएगी। उन्होंने बताया कि घटनास्थल पर डॉग स्क्वायड की टीम को भी बुलाया गया है, जिससे बाघ की मूवमेंट, आसपास की गतिविधियों और संभावित कारणों की गहन जांच की जा सके। एनटीसीए के दिशा-निर्देशों के अनुसार बाघ का पोस्टमार्टम सीसीएफ, डीएफओ, एनजीओ प्रतिनिधियों एवं जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम द्वारा किया जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही बाघ की मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।
वन विभाग ने सुरक्षा की दृष्टि से रातभर जंगल में कड़ी निगरानी की व्यवस्था की है। डीएफओ की मौजूदगी में 40 से अधिक वन कर्मियों को क्षेत्र में तैनात किया गया है, जो पूरी रात गश्त करेंगे। इसके साथ ही आसपास के क्षेत्रों में किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर विशेष नजर रखी जा रही है।
घूई वन परिक्षेत्र में पहली बार बाघ की मौजूदगी सामने आने से कई सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय स्तर पर बाघ की मूवमेंट को लेकर वन अमले को पूर्व में कोई ठोस जानकारी नहीं थी, जिससे वन्यजीव निगरानी व्यवस्था पर भी प्रश्नचिह्न लग रहे हैं। इस संबंध में डीएफओ श्री साहू ने कहा कि बाघ के मूवमेंट रूट और उसके इस क्षेत्र तक पहुंचने के कारणों की भी विस्तृत जांच की जाएगी।
सूत्रों के अनुसार बाघ की मौत के पीछे शिकारियों की भूमिका की आशंका भी जताई जा रही है। हालांकि डीएफओ ने स्पष्ट किया कि प्रारंभिक जांच में बाघ के सभी अंग सुरक्षित पाए गए हैं और फिलहाल शिकार के कोई प्रत्यक्ष संकेत नहीं मिले हैं। उन्होंने बताया कि शव संभवतः दो से तीन दिन पुराना है।
वन विभाग के मुताबिक रायपुर से पहुंची विशेषज्ञ टीम की मौजूदगी में मंगलवार को बाघ का पोस्टमार्टम किया जाएगा। पोस्टमार्टम के पश्चात डीएफओ की मौजूदगी में शव का अंतिम संस्कार किया जाएगा। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है और वन विभाग पूरी सतर्कता के साथ मामले की जांच में जुटा हुआ है।



