हाथोर समाचार ,सरगुजा। बलरामपुर जिले के पिपरसोत गांव से करीब 100 ग्रामीणों को लेकर झारखंड के लातेहार जिले के महुआडांड़ थाना क्षेत्र अंतर्गत प्रसिद्ध लोध फॉल जा रही एक स्कूल बस ओरसाघाट मोड़ पर अनियंत्रित होकर पलट गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बस की रफ्तार तेज थी और अचानक ब्रेक फेल हो जाने से चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका। हादसे में 4 पुरुष और 1 महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 87 से अधिक यात्री घायल हो गए।

घटनास्थल छत्तीसगढ़–झारखंड सीमा के पास स्थित है। सूचना मिलते ही महुआडांड़ थाना पुलिस और छत्तीसगढ़ के सामरी थाना की टीम मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को एंबुलेंस द्वारा महुआडांड़ अस्पताल एवं कार्मेल अस्पताल में भर्ती कराया गया।
बताया जा रहा है कि ज्ञान गंगा पब्लिक स्कूल की बस किराये पर लेकर पिपरसोत के ग्रामीण भ्रमण के लिए निकले थे। ओरसाघाट के तीखे मोड़ पर बस रेलिंग तोड़ते हुए पलट गई, जिससे बस में सवार यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई।
रांची किया जा रहा रेफर
चिकित्सकों के अनुसार दर्जनभर से अधिक घायलों की स्थिति गंभीर है, जिन्हें बेहतर उपचार के लिए रांची रेफर किया जा रहा है। मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है। हादसे की खबर मिलते ही पिपरसोत गांव में शोक का माहौल है, परिजन अपने-अपने घायलों की जानकारी के लिए अस्पतालों में पहुंच रहे हैं।
हादसे पर मुख्यमंत्री ने जताया शोक, राहत कार्य जारी
हादसे की जानकारी मिलने के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़–झारखंड सीमा पर बलरामपुर के समीप हुई भीषण सड़क दुर्घटना में यात्रियों की मृत्यु का समाचार अत्यंत दुखद है। शोक की इस कठिन घड़ी में उन्होंने दिवंगतों के परिजनों के प्रति गहन संवेदना व्यक्त की।
मुख्यमंत्री ने बताया कि दुर्घटना की सूचना मिलते ही बचाव एवं राहत कार्य तत्काल प्रारंभ कर दिए गए हैं। मौके पर प्रशासन की टीमें मौजूद हैं और समन्वय के साथ राहत कार्य संचालित किए जा रहे हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इस दुर्घटना में कुल 87 लोग घायल हुए हैं। इनमें से 27 घायलों का उपचार कार्मेल अस्पताल में तथा 60 घायलों का उपचार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने गंभीर रूप से घायल यात्रियों के समुचित एवं आवश्यक उपचार के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए हैं। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान देने तथा घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।



