शिवशंकर साहनी @अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने अपनी लंबित मांगों को लेकर तृतीय चरण के जिला स्तरीय कलम बंद–काम बंद आंदोलन का आह्वान किया है। फेडरेशन के आह्वान पर सरगुजा जिले सहित प्रदेशभर में 29 दिसंबर से 31 दिसंबर तक तीन दिवसीय पूर्ण काम बंद आंदोलन किया जाएगा। आंदोलन को लेकर कर्मचारियों और अधिकारियों में खासा उत्साह देखा जा रहा है, वहीं प्रशासनिक स्तर पर भी तैयारियां शुरू हो गई हैं।

छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के जिला पदाधिकारियों ने बताया कि यह आंदोलन कर्मचारियों की 11 सूत्रीय मांगों को लेकर किया जा रहा है। इनमें सबसे प्रमुख मांग वर्ष 2017 से लंबित महंगाई भत्ता (डीए) की है। फेडरेशन का कहना है कि पूर्ववर्ती सरकार द्वारा डीए रोके जाने के कारण प्रत्येक कर्मचारी को अब तक औसतन लगभग 5 लाख रुपये का आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। इसके बावजूद अब तक इस मांग का निराकरण नहीं किया गया है।
फेडरेशन के अध्यक्ष ने कहा कि वर्तमान सरकार ने सत्ता में आने से पहले मोदी की गारंटी के तहत कर्मचारियों की जायज मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया था, लेकिन आज भी कर्मचारी स्वयं को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। बार-बार ज्ञापन और वार्ता के बावजूद जब मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तब कर्मचारियों को आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि सरकार ने शीघ्र सकारात्मक पहल नहीं की तो भविष्य में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। तीन दिवसीय आंदोलन के दौरान जिले के विभिन्न शासकीय कार्यालयों में कामकाज पूरी तरह से ठप रहने की संभावना है। इसका सीधा असर राजस्व, शिक्षा, स्वास्थ्य, पंचायत, नगरीय निकाय सहित अन्य विभागीय सेवाओं पर पड़ेगा।
फेडरेशन ने आम जनता से आंदोलन के दौरान सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि यह संघर्ष न केवल कर्मचारियों के अधिकारों के लिए है, बल्कि एक न्यायसंगत और सम्मानजनक कार्य संस्कृति के लिए भी आवश्यक है।



