नई दिल्ली, 01 अप्रैल 2026। केंद्र सरकार ने सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) नियम 2021 में महत्वपूर्ण संशोधन करते हुए सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर सख्ती बढ़ा दी है। नए नियमों के तहत फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सऐप, यूट्यूब और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को यूजर डेटा सुरक्षा और कंटेंट मॉनिटरिंग को लेकर कड़े प्रावधानों का पालन करना होगा।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि ये नियम विशेष रूप से इंटरमीडियरी कंपनियों पर लागू होंगे, जो यूजर और कंटेंट के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाती हैं। अब किसी भी मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना इन कंपनियों के लिए अनिवार्य होगा। पहले जहां कंपनियां इन्हें महज सलाह मानकर नजरअंदाज कर देती थीं, वहीं अब ऐसा करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
नए प्रावधानों के अनुसार, कंपनियों को यूजर डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी और निर्धारित समय तक उसे सुरक्षित रखना होगा। नियमों का पालन न करने की स्थिति में कंपनियों को आईटी एक्ट की धारा 79 के तहत मिलने वाली “सेफ हार्बर” सुरक्षा से वंचित किया जा सकता है। इससे प्लेटफॉर्म्स पर पोस्ट किए गए कंटेंट की जिम्मेदारी सीधे कंपनियों पर भी आएगी।
संशोधित नियमों में न्यूज और करंट अफेयर्स से जुड़े कंटेंट को भी निगरानी के दायरे में लाया गया है। अब सोशल मीडिया पर शेयर या फॉरवर्ड किए जाने वाले समाचारों के लिए भी प्लेटफॉर्म की जवाबदेही तय होगी।
इसके अलावा, शिकायतों के निपटान के लिए एक विशेष समिति का गठन किया गया है, जो नियमित रूप से मामलों की सुनवाई करेगी और आवश्यक सिफारिशें मंत्रालय को भेजेगी।
इन नए नियमों का सीधा असर आम उपयोगकर्ताओं पर भी पड़ेगा। अब सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार का कंटेंट शेयर करने से पहले लोगों को अधिक सावधानी बरतनी होगी, क्योंकि प्लेटफॉर्म्स पर बढ़ी जिम्मेदारी के साथ निगरानी भी सख्त हो गई है।



