Success Story:  बुटीक से चमकी किस्मत: आदिवासी महिला ने खरीदी कार, 11 महिलाओं को दिया रोजगार

बिट्टू सिहं राजपूत@ सूरजपुर। आदिवासी अंचल सरगुजा की महिलाएं अब आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम कर रही हैं। इसी कड़ी में सिल्फिली गांव की मालती सिंह ने अपने हौसले और मेहनत के दम पर बुटीक व्यवसाय खड़ा कर न केवल अपनी जिंदगी बदली, बल्कि आसपास की 11 महिलाओं को भी रोजगार से जोड़कर सशक्तिकरण की मिसाल पेश की है।

कटनी-गुमला नेशनल हाईवे स्थित सिल्फिली में संचालित उनका बुटीक आज स्थानीय महिलाओं के लिए भरोसेमंद केंद्र बन चुका है। यहां महिलाओं के कपड़ों की सिलाई, डिजाइनिंग के साथ-साथ जरूरी सामग्री भी उपलब्ध कराई जाती है, जिससे ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को शहर जाने की जरूरत नहीं पड़ती।

मालती सिंह बताती हैं कि शुरुआत में उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर थी। पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच उन्होंने घर से ही सिलाई का काम शुरू किया। बाद में वे बिहान योजना से जुड़ीं और समूह के माध्यम से लोन लेकर एक छोटी दुकान खोली। धीरे-धीरे व्यवसाय बढ़ता गया और बैंक से उन्हें पहले 1 लाख, फिर 2 लाख और वर्तमान में 5 लाख रुपये तक का ऋण मिला।

बुटीक उनका शौक था, जिसे उन्होंने अपनी मेहनत और लगन से सफल व्यवसाय में बदल दिया। आज उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे उनके बच्चे अंबिकापुर के इंग्लिश मीडियम स्कूल में पढ़ाई कर रहे हैं। उन्होंने अपनी कमाई से पहले स्कूटी और फिर एक कार भी खरीदी, जिससे वे स्वयं अपने बुटीक का संचालन करती हैं।

वर्तमान में मालती सिंह अपने समूह की अध्यक्ष भी हैं। उनके समूह से जुड़ी 11 महिलाएं नेशनल रूरल लाइवलीहुड मिशन के तहत छोटे-छोटे ऋण लेकर स्वरोजगार कर रही हैं। बुटीक में साड़ी फॉल-पीको और ब्लाउज सिलाई का काम अधिक होने के कारण मालती इन महिलाओं को काम उपलब्ध कराती हैं और उनके कार्य का उचित पारिश्रमिक भी सुनिश्चित करती हैं।

ग्रामीण परिवेश में रहकर आत्मनिर्भरता और आधुनिक जीवनशैली का संतुलन बनाते हुए मालती सिंह ने यह साबित कर दिया है कि मजबूत इच्छाशक्ति और निरंतर प्रयास से सीमित संसाधनों में भी सफलता हासिल की जा सकती है। वे आज क्षेत्र की महिलाओं के लिए प्रेरणा बनकर उभरी हैं।

खबरें और भी हैं...

फॉलो करें

64,000FansLike
47FollowersFollow
5,480SubscribersSubscribe

ट्रेंडिंग

WhatsApp Icon चैनल से जुड़ें