दैनिक हाथोर समाचार ,अंबिकापुर। राजनीति में आठ साल का सफर और बड़ी उपलब्धि-यही पहचान बन गई है अंबिकापुर विधायक राजेश अग्रवाल की। कांग्रेस से नाता तोड़कर वर्ष 2017 में भाजपा का दामन थामने वाले अग्रवाल को अब मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपनी कैबिनेट में मंत्री बनाया है।

लखनपुर निवासी राजेश अग्रवाल ने 2002 में ग्राम पंचायत कुंवरपुर के उपसरपंच पद से राजनीति की शुरुआत की। 2009 में लखनपुर नगर पंचायत अध्यक्ष का चुनाव मात्र 1 वोट से हारे, लेकिन 2014 में कांग्रेस टिकट पर अध्यक्ष बने और 2019 तक पद पर रहे। इसी बीच आंतरिक मतभेद और पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव से टकराव के चलते उन्होंने भाजपा ज्वाइन कर ली।
भाजपा में लगातार सक्रिय रहने और क्षेत्र में मजबूत पकड़ बनाने का फायदा उन्हें 2023 के विधानसभा चुनाव में मिला। अंबिकापुर सीट से टिकट पाकर उन्होंने अपने राजनीतिक गुरु और तीन बार के विधायक टीएस सिंहदेव को कांटे की टक्कर में 94 वोट से हराकर इतिहास रचा।
अग्रवाल को 90 हजार 780 वोट मिले, जबकि सिंहदेव को 90 हजार 686 वोट। यह जीत भाजपा के लिए उस गढ़ को भेदने जैसी रही, जिसे अब तक टेढ़ी खीर माना जाता था।
सरल और सौम्य व्यक्तित्व के कारण लोगों में लोकप्रिय राजेश अग्रवाल को भाजपा संगठन ने भरोसेमंद चेहरा मानते हुए मंत्रिमंडल में स्थान दिया है। अब सरगुजा संभाग की राजनीति में उनका कद और भी बढ़ गया है।



