प्रधानमंत्री मोदी से रामनामी समाज के प्रतिनिधियों की भावपूर्ण मुलाकात, आस्था और समरसता का संदेश

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से शनिवार को रामनामी समाज के प्रतिनिधियों ने नई दिल्ली में आत्मीय भेंट की। यह मुलाकात केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं रही, बल्कि आस्था, परंपरा और सामाजिक एकता की गहरी भावना से ओत-प्रोत रही। प्रधानमंत्री मोदी ने प्रतिनिधियों से गर्मजोशी से बातचीत करते हुए उनके विचार, परंपराएँ और समाज सेवा के कार्यों के बारे में जानकारी ली।

रामनामी समाज, जो भगवान राम के नाम के प्रति अटूट श्रद्धा रखता है, ने प्रधानमंत्री को पारंपरिक रामनामी शाल भेंट की। प्रधानमंत्री ने इस सम्मान को बड़े आदर के साथ स्वीकार करते हुए कहा कि भारत की विविधता में ही उसकी सबसे बड़ी शक्ति छिपी है। उन्होंने कहा कि “राम नाम के प्रति भक्ति केवल धार्मिक आस्था नहीं बल्कि जीवन की एक दिशा है, जो हर व्यक्ति में अनुशासन, सत्य और सेवा की भावना जगाती है।”

प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर समाज के प्रतिनिधियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि वे समाज में समानता, शिक्षा और आत्मनिर्भरता के माध्यम से एक सकारात्मक परिवर्तन ला रहे हैं। उन्होंने युवाओं को शिक्षा और कौशल विकास से जोड़ने की दिशा में सरकार की योजनाओं का भी उल्लेख किया और कहा कि “सरकार हर उस वर्ग तक पहुँचना चाहती है, जो अब तक विकास की मुख्यधारा से दूर रहा है।”

रामनामी समाज के प्रतिनिधियों ने प्रधानमंत्री को अपने सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यों की जानकारी दी और कहा कि उनकी सरकार के नेतृत्व में देश में समानता और सांस्कृतिक गौरव की भावना मजबूत हुई है। उन्होंने प्रधानमंत्री को समाज के लोगों की ओर से आभार प्रकट किया।

मुलाकात के अंत में प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की शक्ति उसकी संस्कृति और समाज की जड़ों में निहित है, और रामनामी समाज इसका जीवंत उदाहरण है। यह भेंट भले कुछ समय की रही हो, लेकिन उसमें जो आत्मीयता और आस्था का भाव था, उसने प्रधानमंत्री और उपस्थित सभी लोगों के हृदय को गहराई से छू लिया।

यह मुलाकात एक सामाजिक संवाद से बढ़कर एक आध्यात्मिक जुड़ाव बन गई, जिसने ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ के भाव को फिर एक बार जीवंत कर दिया।

खबरें और भी हैं...

फॉलो करें

64,000FansLike
47FollowersFollow
5,480SubscribersSubscribe

ट्रेंडिंग