हाथोर समाचार,सूरजपुर।करंजी साइडिंग से हो रहे कोयला परिवहन और दतिमा चौक–करंजी मार्ग की जर्जर स्थिति को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश मंगलवार को खुलकर फूट पड़ा। 11 नवंबर को दिए गए ज्ञापन पर प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई नहीं किए जाने से नाराज़ ग्रामीणों ने झूमरपारा हनुमान मंदिर के पास सड़क पर बांस का बैरिकेट लगाकर अनिश्चितकालीन चक्काजाम शुरू कर दिया।

चक्काजाम के कारण सड़क पर कोयला लोड ट्रेलरों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे आम जनता को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। खबर लिखे जाने तक भी कोई संबंधित अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा था, जिससे ग्रामीणों में प्रशासन की उदासीनता को लेकर गहरा रोष व्याप्त है। यह आंदोलन पूर्व जिला पंचायत सदस्य सत्यनारायण जायसवाल और झूमरपारा के उपसरपंच रामानंद जायसवाल के नेतृत्व में लगातार दसवीं बार आयोजित किया जा रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि मुख्य मार्ग की हालत वर्षों से खराब है। रोजाना सैकड़ों कोयला लदे वाहन गुजरते हैं, जिससे सड़क टूट चुकी है और चारों ओर धूल का गुबार फैलता रहता है। इसी धूल और कोयला डस्ट के कारण लोगों में एलर्जी, आंखों में जलन, खुजली, त्वचा रोग, सांस की समस्या, सिरदर्द और तनाव जैसी समस्याएँ बढ़ रही हैं। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को अधिक खतरा बना हुआ है।
स्कूली बच्चों और रेलवे स्टेशन जाने वाले यात्रियों को रोज जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले कई वर्षों से सिर्फ कागजों पर आश्वासन दिए जा रहे हैं। कई बार आंदोलन और चक्काजाम करने के बाद अधिकारी मौके पर पहुंचकर कार्रवाई का भरोसा देते रहे, परंतु आज तक सड़क सुधार या अन्य मांगों पर कोई ठोस पहल नहीं की गई।
कोयला डस्ट से प्रभावित किसानों ने बताया कि साइडिंग से उठने वाली धूल खेतों तक पहुंचकर फसल को भी नुकसान पहुंचा रही है।आंदोलन स्थल पर जिपं सदस्य प्रतिनिधि लखन लाल कुर्रे, मंडल उपाध्यक्ष राजेश राजवाड़े, बबलू कुशवाहा, अलख दास, गया राम राजवाड़े, स्वामी राजवाड़े, लखन राजवाड़े, संजय जायसवाल, रजत जायसवाल, रोहित जायसवाल, कौशल राजवाड़े, संतोष द्विवेदी, पारस राजवाड़े सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस बल तैनात रहा।



