हाथोर समाचार, सूरजपुर। छत्तीसगढ़ शासन ने बुधवार देर शाम बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए राज्य के 43 आईएएस अधिकारियों के तबादले के आदेश जारी किए हैं। इस बदलाव के तहत सूरजपुर कलेक्टर एस. जयवर्धन का तबादला कर दिया गया है। उनकी जगह 2019 बैच की आईएएस अधिकारी सुश्री रेना जमील को सूरजपुर जिले का नया कलेक्टर नियुक्त किया गया है। शासन के इस आदेश के बाद जिले के प्रशासनिक महकमे में नई कार्यशैली और प्राथमिकताओं को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।


नई कलेक्टर रेना जमील इससे पहले वाणिज्य एवं उद्योग विभाग में उप सचिव के पद पर कार्यरत थीं। इसके अलावा वे लोक सेवा आयोग में सचिव का अतिरिक्त प्रभार भी संभाल रही थीं। सूरजपुर जिले में कलेक्टर के रूप में यह उनकी पहली पदस्थापना होगी। प्रशासनिक सेवा में उनकी कार्यशैली और संघर्षपूर्ण जीवन यात्रा को लेकर भी लोगों में विशेष उत्सुकता देखी जा रही है। रेना जमील मूल रुप से झारखंड के धनबाद जिले की रहने वाली है ।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार रेना जमील का शुरुआती जीवन काफी साधारण रहा है। उन्होंने आठवीं तक की पढ़ाई उर्दू माध्यम स्कूल से की, जबकि दसवीं तक सरकारी स्कूल में अध्ययन किया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार स्कूल जीवन में वे सामान्य छात्रा थीं, लेकिन उच्च शिक्षा के दौरान उन्होंने खुद को साबित किया और जूलॉजी ऑनर्स से मास्टर्स में कॉलेज टॉप किया।
रेना जमील ने वर्ष 2014 में यूपीएससी की तैयारी शुरू की थी। दूसरे प्रयास में उन्हें 882वीं रैंक मिली, जिसके बाद उनका चयन इंडियन इंफॉर्मेशन सर्विस में हुआ। हालांकि उन्होंने अपने लक्ष्य को नहीं छोड़ा और लगातार मेहनत जारी रखी। वर्ष 2018 में उन्होंने फिर से सिविल सेवा परीक्षा दी और 380वीं रैंक हासिल कर आईएएस सेवा में चयनित हुईं। वर्ष 2019 में उन्हें बस्तर जिले में सहायक कलेक्टर के रूप में पहली पोस्टिंग मिली थी। बाद में वे सक्ती में एसडीएम के रूप में भी कार्य कर चुकी हैं।
पति भी हैं IAS अधिकारी
रेना जमील के पति रेयाज अहमद भी आईएएस अधिकारी हैं और दोनों एक ही बैच के अधिकारी बताए जाते हैं। अब सूरजपुर जिले की कमान संभालने जा रहीं रेना जमील से जिलेवासियों को प्रशासनिक कार्यों में तेजी, जनसमस्याओं के त्वरित समाधान और संवेदनशील कार्यशैली की उम्मीद है।
एस.जयवर्धन को कोष एवं लेखा विभाग की जिम्मेदारी
2014 बैच के आईएएस अधिकारी एस. जयवर्धन को अब संचालक, कोष एवं लेखा विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। साथ ही उन्हें संचालक, पेंशन का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने जिले में सुशासन शिविर, जनसमस्या निवारण और विभिन्न विकास योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर सक्रिय भूमिका निभाई। ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासनिक पहुंच बढ़ाने के प्रयासों को लेकर भी उनका कार्यकाल चर्चा में रहा।



