नंदकुमार कुशवाहा@ बलरामपुर। जिले से होकर गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-343 (अंबिकापुर–रामानुजगंज) के दो लेन चौड़ीकरण कार्य को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। प्रभावित नागरिकों एवं भू-स्वामियों ने सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, नई दिल्ली के सचिव के नाम ज्ञापन सौंपकर परियोजना में भारी अनियमितताओं, राजनीतिक दबाव और नियमों की अनदेखी का आरोप लगाया है। शिकायत में तत्काल हस्तक्षेप कर उच्चस्तरीय जांच की मांग की गई है।

आवेदनकर्ताओं के अनुसार एनएच-343 के चौड़ीकरण हेतु राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम के तहत विधिवत भूमि अधिग्रहण किया गया था। अधिग्रहण के बाद स्वीकृत 3D एलाइमेंट के अनुरूप निर्माण कार्य भी प्रारंभ हुआ और प्रारंभिक चरण में ठेकेदार द्वारा निर्धारित सीमा-चिन्ह (पिलर) स्थापित किए गए थे, जिससे सड़क की दिशा और सीमा स्पष्ट थी।
लेकिन आरोप है कि 18 दिसंबर को अचानक राजनीतिक दबाव के चलते राजस्व अमले ने पूर्व में लगाए गए सीमा-चिन्ह हटाकर मनमाने ढंग से नए पिलर लगा दिए। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि यह बदलाव न तो स्वीकृत 3D एलाइमेंट के अनुरूप है और न ही अधिग्रहित भूमि की वास्तविक स्थिति से मेल खाता है।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि पहले से अधिग्रहित भूमि पर निर्माण करने के बजाय विपरीत दिशा की अन्य भूमि पर सड़क बनाने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे ग्राम भनौरा के नागरिकों की वैध व स्थायी संरचनाएं अनावश्यक रूप से प्रभावित हो रही हैं। इसे गंभीर प्रशासनिक अनियमितता और नियमों का उल्लंघन बताया गया है।
मामले में ग्राम भनौरा के लगभग 150 मीटर हिस्से में निर्मित तथाकथित “गौरव पथ” की गुणवत्ता पर भी सवाल उठे हैं। आरोप है कि निर्माण मानकों के विपरीत और निम्न गुणवत्ता का है, जिससे भविष्य में दुर्घटनाओं की आशंका है।
आवेदकों ने मांग की है कि चौड़ीकरण कार्य केवल स्वीकृत 3D एलाइमेंट के अनुसार कराया जाए, बदले गए सीमा-चिन्ह तत्काल निरस्त हों और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। शीघ्र समाधान न होने पर न्यायालय की शरण लेने की चेतावनी भी दी गई है।



