सूरजपुर में धान खरीदी सुस्त: 22 समितियों में शुरुआत नहीं, 32 केंद्रों में सिर्फ 64,500 क्विंटल उपार्जन

हाथोर समाचार, सूरजपुर। छत्तीसगढ़ में 15 नवंबर से प्रारंभ हुई धान खरीदी व्यवस्था इस बार सूरजपुर जिले में अपेक्षित गति नहीं पकड़ पा रही है। जिले की कुल 54 समितियों में से 22 उपार्जन केंद्रों पर धान खरीदी अब तक शुरू नहीं हो सकी है। देर से पकने वाली धान की किस्में, जारी कटाई-मड़ाई और किसानों का मंडी तक कम पहुँचना प्रमुख कारण बताए जा रहे हैं।
वहीं 32 उपार्जन केंद्रों में खरीदी जारी है, जहाँ 64,500 क्विंटल धान खरीदा जा चुका है। इस साल जिले में 63,819 किसानों से 42 लाख क्विंटल धान खरीदी का लक्ष्य रखा गया है। लेकिन शुरुआती रफ्तार लक्ष्य को लेकर शंका पैदा कर रही है।

बाहरी धान पर सख्ती , चार चेकपोस्ट सक्रिय, 2,520 क्विंटल जप्त

सीमावर्ती इलाका चांदनी, बिहारपुर और नवाटोला को संवेदनशील मानते हुए प्रशासन ने चार चेकपोस्ट स्थापित किए हैं। फारेस्ट विभाग के साथ मिलकर अतिरिक्त जांच प्वाइंट बनाए गए हैं। तहसील स्तर पर भी जांच दल तैनात किए गए हैं। अब तक 31 प्रकरणों में 2,520 क्विंटल बाहरी धान जप्त किया गया है।

तकनीकी दिक्कतें बनी बाधा , 40 हजार खसरों का अपडेटेशन चल रहा

इस वर्ष खरीदी में एग्रीस्टेक अनिवार्य होने से किसानों को खसरा अपडेट कराने में दिक्कत आ रही है। विभाग के अनुसार 40 हजार खसरों का अद्यतन अभी भी जारी है, जिसे जल्द पूरा करने का दावा किया गया है।

समय कम, लक्ष्य बड़ा , आने वाला सप्ताह निर्णायक

प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि खरीदी की गति बढ़ाई जाएगी, लेकिन देर से पहुँच रहे किसानों, तकनीकी अड़चनों और बाहरी धान की रोकथाम के बीच आने वाले दिन जिले के 42 लाख क्विंटल लक्ष्य को लेकर बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

ये 22 समितियाँ अभी भी ‘शुरुआत’ का इंतजार कर रहीं

ओड़गी, टमकी, कंचनपुर, कल्याणपुर, केवरा, सिरसी, कसलगिरी, कांटारोली, कोटेया, करौटी-बी, चंद्रमेढ़ा, जगन्नाथपुर, केशवनगर, प्रेमनगर, परशुरामपुर, भैयाथान, महंगाई, मानी, मोहरसोप, रामपुर, लटोरी और सलका।

क्या कहते हैं जिला खाद्य अधिकारी- संदीप भगत

“हमारे जिले में अब तक 32 उपार्जन केंद्रों में 65,400 क्विंटल धान खरीदी हो चुकी है। शेष 22 केंद्रों में किसान धान लेकर नहीं पहुँचे हैं, इसलिए खरीदी शुरू नहीं हो पाई है। हमारे जिले में लेट वैरायटी की धान होती है, जिसके कारण धान देर से समितियों तक पहुँचता है। इसी वजह से कई केंद्रों में अभी टोकन जारी नहीं किए जा सके हैं। कटाई-मड़ाई भी जारी है। इस वर्ष नई व्यवस्था लागू की गई है। जिले और राज्य स्तर पर कंट्रोल कमांड सेंटर बनाए गए हैं। सभी तहसीलों में मोबाइल दस्ते गठित किए गए हैं और कार्रवाई लगातार जारी है। अब तक 31 प्रकरण दर्ज किए गए हैं, जिनमें 2,520 क्विंटल धान की जप्ती की गई है। जिले के 54 उपार्जन केंद्रों में से 32 में खरीदी जारी है और 22 में जल्द शुरू होने की उम्मीद है।”

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