हाथोर समाचार,सूरजपुर। जिले की चरमराई शिक्षा-व्यवस्था और 14 सूत्रीय मांगों को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के कार्यकर्ताओं ने जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कार्यालय का घेराव किया। सूरजपुर, प्रतापपुर, भैयाथान, ओड़गी, रामानुजनगर, विश्रामपुर, सलका-खोपा, बिहारपुर, डांडकरवां, धरमपुर, बुंदिया, जरही और भैसाखमुण्डा सहित विभिन्न इकाइयों से आए करीब 250 से अधिक कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन में भाग लिया।

कोरिया विभाग संयोजक प्रदीप यादव ने कहा कि जिले की शिक्षा व्यवस्था बेहद दयनीय हालत में है। “शिक्षा विभाग की लापरवाही के मामले आए दिन सामने आ रहे हैं। इन्हीं समस्याओं को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी और उपायुक्त का घेराव किया गया,” उन्होंने कहा।
अभाविप द्वारा सौंपे गए 14 सूत्रीय मांग पत्र में प्रमुख रूप से-
जिले में ऐसे सभी निजी शैक्षणिक संस्थानों की मान्यता रद्द करने की मांग शामिल है जो NEP और RTE के नियमों के विरुद्ध संचालित हो रहे हैं।
शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मंजीरा में एक शिक्षिका द्वारा विद्यार्थियों के बैग खेत में फेंकने और मां सरस्वती का अपमान करने के मामले में तत्काल निलंबन की मांग की गई।
ओड़गी और प्रतापपुर में निर्माणाधीन एकलव्य विद्यालयों की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए ठेकेदार की लापरवाही की जांच की मांग की गई।
प्री व पोस्ट मैट्रिक छात्रावास ओड़गी और भंवरखोह के अधीक्षकों की लगातार लापरवाही पर तुरंत निलंबन की मांग रखी गई।
जिला संयोजक विकास ठाकुर ने चेतावनी देते हुए कहा कि “पूरा जिला शिक्षा अव्यवस्था की मार झेल रहा है। यदि विभाग ने तुरंत सुधार नहीं किया, तो विद्यार्थी परिषद व्यापक आंदोलन, चक्का जाम और पुतला दहन के लिए बाध्य होगी।”



