हाथोर समाचार ,सरगुजा। सामाजिक सरोकारों के प्रति प्रतिबद्ध अंबिकापुर की महिलाओं का समूह समभाव महिला मंच एक बार फिर चर्चाओं में है। बीते दस वर्षों से सक्रिय यह समूह हर त्योहार, विशेष अवसर और जरूरत पड़ने पर समाज सेवा के कार्यों में आगे रहता है। अंगदान, गरीबों में कम्बल वितरण से लेकर जरूरतमंद परिवारों की मदद—इनकी पहल हमेशा प्रेरक रही है। शनिवार को मंच की महिलाएं लुंड्रा विकासखंड के पहाड़ी कोरवा बाहुल्य कूडपानी गांव पहुंचीं, जहां उन्होंने ग्रामीणों को कम्बल और स्कूल के बच्चों को शिक्षण सामग्री वितरित की। इसी के साथ उन्होंने गांव को गोद लेने की औपचारिक घोषणा भी की।

कूडपानी प्राथमिक स्कूल की प्रधान पाठिका ममता गुप्ता लंबे समय से बच्चों एवं उनके परिवारों की दयनीय स्थिति सुधारने का प्रयास कर रही थीं। उन्होंने गांव की स्थिति और जरूरतें समभाव मंच की वरिष्ठ सदस्य वंदना दत्ता को बताईं। इसके बाद समूह ने न केवल त्वरित मदद भेजी बल्कि स्थायी सहयोग के उद्देश्य से गांव को गोद लेने का निर्णय कर लिया।
ग्रामीणों ने महिलाओं का आभार जताते हुए कहा कि कम्बल वितरण ने उन्हें राहत दी है और अब समूह के लगातार आने-जाने से गांव में कई सकारात्मक बदलाव आएंगे।
प्रधान पाठिका ममता गुप्ता ने बताया कि मंच ने बच्चों को कापी, किताबें और अन्य आवश्यक सामग्री दी है तथा आगे शिक्षा, स्वास्थ्य और जागरूकता संबंधी गतिविधियों का संचालन भी करेगा।
समभाव महिला मंच की संस्थापिका वंदना दत्ता ने कहा कि मंच 6 दिसंबर 2015 से सक्रिय है और स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में हर साल समाज सेवा के कार्यक्रम किए जाते हैं। उन्होंने बताया कि पहले रामनगर पहाड़ी कोरवा गांव को दो वर्ष तक गोद लिया गया था और अब कूडपानी में शिक्षा, नशामुक्ति, सरकारी योजनाओं की जानकारी, किशोरों के मार्गदर्शन तथा जरूरतमंदों की सहायता पर विशेष काम होगा।
आज के कार्यक्रम में वंदना दत्ता सहित स्कूल स्टाफ और समभाव मंच की लगभग 30 महिलाएं उपस्थित रहीं। यह कदम पहाड़ी कोरवा समुदाय के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।



