बिट्टू सिहं राजपूत, सूरजपुर। जंगलों की हरियाली पर माफियाओं की काली नजर अब खुलकर सामने आ गई है। ठीक फिल्म पुष्पा की तर्ज पर सूरजपुर में लकड़ी तस्करों का संगठित गिरोह बेखौफ होकर सक्रिय है। हैरानी की बात यह है कि इस पूरे नेटवर्क में बाहरी राज्यों के तस्कर स्थानीय राजनीतिक रसूखदारों को पार्टनर बनाकर खुलेआम अवैध कारोबार चला रहे हैं।


सूत्रों के मुताबिक, यूपी के तथाकथित “भाईजान” ने जिले में अपनी जड़ें जमा ली हैं और यूकोलिप्टिस (नीलगिरी) लकड़ी की आड़ में जंगलों से बेशकीमती लकड़ियों की तस्करी धड़ल्ले से की जा रही है। लेकिन इस खेल का सबसे चौंकाने वाला पहलू तब सामने आया, जब तस्करों ने SDM के नाम से फर्जी अनुमति पत्र तैयार कर प्रशासन को ही चुनौती दे डाली।
मामले का खुलासा होते ही जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। कलेक्टर एस जयवर्धन के निर्देश पर पूरे जिले में अवैध कटाई और परिवहन के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
इसी कड़ी में 17 मार्च 2026 को रामानुजनगर में जांच के दौरान एक ट्रक (CG 12 BB 1429) से करीब 15 टन लकड़ी जब्त की गई। जब चालक राजेश यादव ने SDM कार्यालय के नाम से जारी कथित अनुमति पत्र (क्रमांक 1483/अ.वि.अ./प्रवाचक/2026) दिखाया, तो अधिकारियों को शक हुआ। जांच में यह दस्तावेज पूरी तरह फर्जी और कूटरचित निकला। रिकॉर्ड खंगालने पर साफ हो गया कि ऐसा कोई अनुमति पत्र कभी जारी ही नहीं हुआ।
प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ कि यह लकड़ी सूरजपुर से रायपुर जिले के खरोरा स्थित एक प्लाईवुड फैक्ट्री तक पहुंचाई जा रही थी। इस पूरे रैकेट में संग्रहण केंद्र संचालक आजम खान, बृजनारायण साहू (कैलाशपुर) और चालक राजेश यादव की संलिप्तता सामने आई है।
प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए ट्रक और लकड़ी को जब्त कर रामानुजनगर थाने में सुरक्षित रखा है। वहीं, तीनों आरोपियों के खिलाफ सूरजपुर थाने में FIR दर्ज कर दी गई है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
कलेक्टर एस जयवर्धन ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि फर्जी दस्तावेजों के सहारे अवैध कारोबार करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने जिले में निगरानी और सख्त करने के निर्देश दिए हैं।
अब बड़ा सवाल यह है कि आखिर इस तस्करी के खेल में और कौन-कौन शामिल हैं? क्या सिर्फ छोटे चेहरे ही सामने आएंगे या इस नेटवर्क के बड़े चेहरे भी बेनकाब होंगे? फिलहाल, सूरजपुर में “पुष्पा स्टाइल” तस्करी पर प्रशासन की यह कार्रवाई आने वाले दिनों में कई बड़े खुलासों के संकेत दे रही है।



