हाथोर समाचार, बलरामपुर-रामानुजगंज। कुसमी पुलिस ने एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा करते हुए ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जिसने खुद को पुलिस अधिकारी (डीएसपी) बताकर एक महिला से उसके बच्चों को पुलिस विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर 72 लाख रुपये की ठगी की थी।

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी संतोष कुमार पटेल (29 वर्ष) पिता रविनाथ पटेल, निवासी पड़खुरी पचोखर, थाना चुरहट, जिला सीधी (मध्यप्रदेश) है। आरोपी को पुलिस ने सीधी जिले से गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
मामला इस प्रकार है
साल 2016-17 में आरोपी संतोष कुमार पटेल ए. साई कंपनी में जेसीबी ऑपरेटर के रूप में काम करता था। यह कंपनी सामरी, जलजली और श्रीकोट सड़कों के निर्माण कार्य में लगी हुई थी। उसी दौरान आरोपी की पहचान ग्राम कंजिया निवासी ललकी बाई से हुई, जो बकरी चराने के दौरान कंपनी के कैंप के पास आती थी। बातचीत का सिलसिला बढ़ने पर आरोपी ने उसका विश्वास जीत लिया।
घर लौटने के बाद आरोपी ने ललकी बाई को फोन कर बताया कि उसकी नौकरी मध्यप्रदेश पुलिस में डीएसपी के पद पर लग गई है। उसने झूठ बोलते हुए कहा कि वह ललकी बाई के दोनों बच्चों को भी पुलिस में नौकरी लगवा सकता है, लेकिन इसके लिए पैसे लगेंगे।
महिला के विश्वास का फायदा उठाकर आरोपी ने वर्ष 2018 से 2025 के बीच कई बार अलग-अलग बहानों से कभी नौकरी के नाम पर, तो कभी परिजनों की बीमारी का हवाला देकर फोनपे और बैंक खाते के माध्यम से कुल ₹72,00,000/- (बहत्तर लाख रुपये) वसूल लिए।
पुलिस की सक्रियता से हुई गिरफ्तारी
महिला की शिकायत पर थाना कुसमी में अपराध क्रमांक 92/2025 दर्ज किया गया, जिसमें धारा 318(2), 319(2), 336(3), 340 बी.एन.एस. के तहत प्रकरण कायम किया गया।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री विश्व दीपक त्रिपाठी एवं एसडीओपी श्री इम्मानुएल लकड़ा के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी उनि. विरासत कुजूर के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई।
टेक्निकल इनपुट के आधार पर टीम ने मध्यप्रदेश के सीधी जिले में दबिश दी, जहां से आरोपी को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने अपराध स्वीकार कर लिया।
पुलिस टीम का योगदान
आरोपी की गिरफ्तारी एवं जांच में उनि. विरासत कुजूर, स.उनि. रमेश तिवारी, स.उनि. दीपक बड़ा तथा आरक्षक धीरेन्द्र चंदेल (क्रमांक 598) का सराहनीय योगदान रहा।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि ऐसे फर्जी अधिकारियों या दलालों से सतर्क रहें जो नौकरी या किसी सरकारी पद का झांसा देकर ठगी करते हैं।



