दैनिक हाथोर समाचार ,अंबिकापुर।महामाया पहाड़ी स्थित हाथी पखना गणपति धाम में इस वर्ष भी भव्य महा आरती का आयोजन बड़ी श्रद्धा और उत्साह के साथ किया गया। भगवान श्री गणेश जी की दिव्य प्रतिमा के समक्ष श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी और पूरा परिसर ‘‘गणपति बप्पा मोरया’’ के जयघोष से गूंज उठा।

महा आरती से पूर्व ऑर्केस्टा टीम ने गणपति बप्पा की महिमा पर आधारित भक्तिमय गीत प्रस्तुत किए, जिन पर श्रद्धालु भावविभोर होकर झूम उठे। आरती के समय शंख, घंटा-घड़ियाल और गगनभेदी घोष से पूरा वातावरण भक्तिरस में सराबोर हो गया। दीप प्रज्वलन की अलौकिक छटा ने धाम परिसर को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। आरती के उपरांत प्रसाद वितरण किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
हाथी पखना गणपति धाम धार्मिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक महत्व का अद्वितीय संगम माना जाता है। यहाँ माँ महामाया (गौरी) के प्राचीन मंदिर के साथ स्वयंभू गणेश प्रतिमा विराजमान है, जो पूरे सरगुजा संभाग का एकमात्र स्वयंभू गणपति स्थल है। ऐतिहासिक दृष्टि से यह स्थान सरगुजा रियासत के हाथी प्रशिक्षण केंद्र और भगवान श्रीराम के वनगमन कथाओं से भी जुड़ा हुआ बताया जाता है। यहाँ की पवित्र मिट्टी (मटकोड़न) का उपयोग आज भी गणेश प्रतिमा स्थापना से पूर्व होता है, जो श्रद्धालुओं की आस्था का प्रतीक है।
2023 में लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक गणपति स्थापना ट्रस्ट द्वारा यहाँ स्थायी मंदिर और प्रतिमा की स्थापना की गई, जिसे मार्च 2024 में “गणपति धाम” के रूप में आधिकारिक मान्यता प्राप्त हुई। गणेश चतुर्थी पर आयोजित दस दिवसीय महोत्सव में भजन-कीर्तन, भंडारा और सांस्कृतिक कार्यक्रम होते हैं, जिनमें दूर-दराज़ से श्रद्धालु बड़ी संख्या में शामिल होते हैं। वर्तमान में यह स्थल वन विभाग की देखरेख में हरित तीर्थ के रूप में संरक्षित है और भविष्य में धार्मिक-पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है।
महा आरती में महापौर मंजूषा भगत, जिला पंचायत सदस्य दिव्या सिंह सिसोदिया,अदित्येश्वर शरण सिंह देव(आदि बाबा) , आईजी दीपक कुमार झा, एएसपी अमोलक सिंह ढिल्लो सहित कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी और श्रद्धालु बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।



