नंदकुमार कुशवाहा ,रामानुजगंज। छत्तीसगढ़ की सीमा से करीब 30 किलोमीटर दूर झारखंड के गढ़वा जिले के रमकंडा गांव के एक नवदंपति ने साहस और रोमांच की मिसाल पेश की है। सौरभ कुमार (25) और उनकी पत्नी नेहा गुप्ता (23) ने 12 नवंबर को रामानुजगंज से कन्याकुमारी तक की 3500 किलोमीटर लंबी बाइक यात्रा की शुरुआत की है। दंपति का लक्ष्य है कि इस सफर को 12 से 15 दिनों के भीतर पूरा किया जाए। उनकी यह अनोखी यात्रा क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।

शादी के आठ महीने बाद अनोखी नई शुरुआत
सौरभ और नेहा की शादी को आठ महीने हुए हैं, लेकिन यात्रा के प्रति दोनों का लगाव शादी से पहले से ही रहा है। इससे पहले वे नेपाल और उत्तराखंड की यात्राएं भी साथ कर चुके हैं। इस बार दोनों ने वैवाहिक जीवन की नई पारी की शुरुआत एक प्रेरणादायक और यादगार सफर से करने का निर्णय लिया है।
आत्मनिर्भर यात्रा: खाना खुद बनाते, लोगों से जुड़ते
दंपति अपने साथ खाना बनाने के बर्तन, प्राथमिक उपचार सामग्री और आवश्यक सामान लेकर चले हैं। वे हर पड़ाव पर स्वयं खाना बनाते हैं और रास्ते में मिलने वाले स्थानीय लोगों से जुड़कर भारत की विविध संस्कृति को करीब से समझ रहे हैं।
उद्देश्य: जीवन के हर पल को महसूस करना
सौरभ कुमार का कहना है कि इस यात्रा का उद्देश्य सिर्फ पर्यटन नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता सीखना और जीवन को करीब से महसूस करना है। उनका कहना है कि यह सफर युवाओं को प्रेरणा देता है कि उत्साह और साहस के साथ हर मंजिल को हासिल किया जा सकता है।
कन्याकुमारी तक की यह यात्रा न सिर्फ इस दंपति के जीवन की यादगार बन रही है, बल्कि यह भी साबित कर रही है कि प्रेम, विश्वास और एकजुटता के साथ हर सफर खूबसूरत हो जाता है।



