बिट्टू सिंह राजपूत ,सूरजपुर। SECL आमगांव खदान में ट्रक परिवहन कार्य कर रहे एक चालक की संदिग्ध मौत ने पूरे जिले में सनसनी फैला दी है। मृतक चालक मनोज जाट के भाई जय किशन ने पुलिस अधीक्षक सूरजपुर को आवेदन देकर खदान प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए FIR दर्ज करने और निष्पक्ष जांच कर न्याय दिलाने की मांग की है।

परिजनों का आरोप है कि मृतक को खदान परिसर में लंबे समय तक ट्रक खड़ा रखने के बावजूद लोडिंग नहीं दी गई। जब उन्होंने शिकायत की तो कर्मचारियों ने कथित रूप से 20,000 रुपये रिश्वत मांगते हुए साफ कहा कि बिना पैसे दिए गाड़ी को लोडिंग नहीं मिलेगी। इस कारण मृतक गहरे मानसिक तनाव में आ गया। घटना वाले दिन उसने फोन पर भाई से बातचीत में बताया था कि गाड़ी को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है और 500 रुपये देने के बाद भी किसी ने सुनवाई नहीं की।
कुछ ही घंटों बाद खबर आई कि मनोज जाट ने खदान परिसर में अपने ट्रक के डाला में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों का कहना है कि यह आत्महत्या प्रबंधन की मनमानी और जबरन आर्थिक शोषण का नतीजा है। उनका यह भी आरोप है कि मृतक के मोबाइल से पुराने वीडियो को सोशल मीडिया पर गलत तरीके से प्रस्तुत कर घटना को विवादित बनाने की कोशिश की गई।
मृतक के भाई ने बताया कि गाड़ी लंबे समय तक खड़ी रहने के कारण बैंक की किस्त चुकाना मुश्किल हो गया था और राशन तक खत्म हो चुका था। इस आर्थिक दबाव ने मनोज को और गहरे तनाव में धकेल दिया।
गौरतलब है कि यह घटना 31 अगस्त 2025 को हुई थी। उस समय SECL प्रबंधन ने चालक की मौत को घरेलू विवाद का परिणाम बताया था। लेकिन अब परिजन इसे संदिग्ध बताते हुए सवाल उठा रहे हैं कि आखिर यह आत्महत्या थी या किसी ने हालात बनाकर मजबूर किया।
आज परिजन सूरजपुर एसपी कार्यालय पहुंचे और मामले की निष्पक्ष जांच, खदान प्रबंधन के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज कर कठोर कार्रवाई की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रबंधन और स्थानीय पुलिस मामले को दबाने का प्रयास कर रहे हैं।
इस पर पुलिस अधीक्षक सूरजपुर ने परिजनों को निष्पक्ष जांच का आश्वासन देते हुए कहा कि दोषी पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
इस दौरान सरगुजा संभागीय ट्रक मालिक संघ अध्यक्ष रविन्द्र तिवारी और धीरज सिंह भी मौजूद रहे।



