हाथोर समाचार ,सूरजपुर। जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की प्रक्रिया लगातार जारी है। सरकार द्वारा किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए खरीदी प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग नजर आ रही है। जिले के कल्याणपुर (लटोरी) स्थित धान खरीदी केंद्र समिति में किसानों को जानबूझकर परेशान किए जाने के आरोप सामने आए हैं, जिससे किसान वर्ग में आक्रोश व्याप्त है।

पाठकपुर गांव से धान बिक्री करने पहुंचे किसान सुरेंद्र ने बताया कि उनका टोकन 2 जनवरी का था। निर्धारित तिथि पर वे समिति में धान बेचने पहुंचे, लेकिन खरीदी केंद्र में मौजूद कर्मचारियों द्वारा उन्हें लगातार टालमटोल किया जा रहा है। किसान के अनुसार उनके नाम पर ढाई एकड़ खेत की गिरदावरी दर्ज है और 42 क्विंटल धान का टोकन भी विधिवत कट चुका है। इसके बावजूद समिति के कर्मचारी बार-बार यह कहकर धान खरीदने से मना कर रहे हैं कि उन्होंने धान बाहर से खरीदकर लाया है। इस आरोप के चलते बीते चार दिनों से उनका धान नहीं खरीदा गया है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान के साथ मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय किसानों का कहना है कि धान खरीदी केंद्र प्रभारी पिछले कुछ दिनों से समिति में उपस्थित नहीं हैं। उनकी अनुपस्थिति में धान खरीदी का कार्य अन्य कर्मचारियों और कुछ स्थानीय लोगों द्वारा किया जा रहा है। आरोप है कि राजनीतिक द्वेष और दबाव के चलते वास्तविक किसानों को परेशान किया जा रहा है, जबकि कोचियों का धान बिना किसी रोक-टोक के आसानी से खरीदा जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, पूर्व में इसी समिति से कोचियों का धान जब्त किए जाने की कार्रवाई भी हो चुकी है। इसके बावजूद व्यवस्था में कोई ठोस सुधार नहीं हुआ है। धान खरीदी प्रभारी की लगातार गैरमौजूदगी और जिम्मेदारियों का अनाधिकृत लोगों के हाथों में जाना किसानों की समस्याओं को और बढ़ा रहा है।
किसानों का कहना है कि यदि समय पर धान की खरीदी नहीं हुई तो उन्हें खुले बाजार में कम दाम पर धान बेचने को मजबूर होना पड़ेगा। अब सवाल यह है कि किसानों के साथ हो रही इस कथित मनमानी पर जिला प्रशासन क्या संज्ञान लेता है और दोषियों पर कब कार्रवाई होती है।



