हाथोर समाचार,अंबिकापुर। अमेरा ओपन कास्ट कोल माइंस एक्सटेंशन को लेकर परसोड़ीकला गांव में बुधवार को ग्रामीणों और पुलिसकर्मियों के बीच हुए खूनी संघर्ष के बाद गुरुवार को भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कोयला उत्खनन का कार्य शुरू करा दिया गया। बुधवार को जमीन पर कब्जा दिलाने पहुंचे प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों पर ग्रामीणों ने पथराव कर दिया था, जिसके जवाब में पुलिस ने लाठीचार्ज के साथ आंसू गैस के गोले छोड़े। इस घटना में दो दर्जन से अधिक पुलिस अधिकारी व जवान तथा करीब दो दर्जन ग्रामीण घायल हुए थे।

बताया जा रहा है कि अमेरा कोल माइंस एक्सटेंशन को लेकर ग्रामीणों और एलसीसी ठेका कंपनी के बीच पिछले कई महीनों से विवाद चल रहा है। एसईसीएल द्वारा खदान विस्तार का काम एलसीसी कंपनी को दिया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी किए बिना ही खदान विस्तार के लिए खुदाई शुरू की जा रही है, जबकि प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार भूमि अधिग्रहण कई वर्ष पहले ही पूरा कर लिया गया था। इसके बावजूद अधिकांश ग्रामीण मुआवजा लेने से इंकार कर रहे हैं।
करोड़ों रुपये के नुकसान से बचने के लिए ठेका कंपनी प्रशासन और पुलिस के सहयोग से कार्य शुरू करना चाहती थी। इसी दौरान बुधवार को दोनों पक्षों में तनाव बढ़ने से पथराव और लाठीचार्ज की नौबत आ गई थी।
भारी पुलिस बल की मौजूदगी में उत्खनन शुरू
घटना के अगले दिन गुरुवार को प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों और एसईसीएल प्रबंधन की उपस्थिति में उत्खनन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया। मौके पर भारी सुरक्षा बल तैनात है। सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने आसपास के जिलों से भी अतिरिक्त जवान बुलाए हैं। एक्सीवेटर की मदद से जमीन की खुदाई कर कोयला निकालने का कार्य शुरू कर दिया गया है।
ग्रामीण दूसरे गांव में डटे, स्थिति तनावपूर्ण
जानकारी के अनुसार विरोध कर रहे ग्रामीणों ने बुधवार रात आपात बैठक की थी और गुरुवार को वे उत्खनन स्थल से लगे दूसरे गांव में डटे हुए हैं। उधर पुलिस व प्रशासन ने विवादित भूमि को अपने कब्जे में ले लिया है। आशंका जताई जा रही है कि ग्रामीण पुनः विरोध के लिए लौट सकते हैं, जिसके चलते पूरे क्षेत्र में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।



